Top 16 Amazing Aisa kyu hota hai facts in Hindi ऐसा क्यों होता है |

Top 16 Amazing Aisa kyu hota hai facts in Hindi ऐसा क्यों होता है | Aisa kyu hota hai facts in Hindi दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम लोग  Nature और Science के बारे में कुछ अद्भुत रहस्य जानेंगे | दोस्तों कभी-कभी आपके  आस-पास या सामने कुछ कारनामे होती रहती है की आप सोच में पद जाते है की आखिर ऐसा क्यों होता है ? और उसको जानने के लिए आपके मन जिज्ञासा उत्पन्न होने लगता है कि ऐसा क्यों होता है? धूप सफ़ेद क्यों नजर आती है ? Aisa kyu hota hai facts in Hindi वायु का रंग क्यों दिखाई नहीं देता ?  तो दोस्तों इस पोस्ट में हम Top 16 Amazing facts को जानने वाले है तो आप इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढियेगा|  Top 16 Amazing facts in Hindi 

Table of Contents

Top 16 Amazing Aisa kyu hota hai facts in Hindi

1. चुम्बक लोहे को ही पकड़ती है अन्य धातु को क्यों नहीं पकड़ती है ?

चुम्बक लोहे को ही नहीं हर चुम्बकीय धातु को पकड़ता है जैसे :- लोहा , निकेल कोबाल्ट | इन धातुओं के परमाणु चुम्बकीय क्षेत्र की उपस्तिथि में इस तरह रैखिक हो जाते है की वे स्वयं चुम्बक बन जाते है जिससे चुम्बक उन्हें पकड़ लेता है | 

2. सूर्य ग्रहण क्यों होता है ? 

पृथ्वी और सूर्य के बीच में चन्द्रमा के आ जाने पर सूर्य ढक जाता है , और पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर से सूर्य का नजर नहीं आना सूर्य ग्रहण कहलाता है | 

जब सूर्य पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से चंद्र द्वारा ढक जाने पर सूर्य नजर नहीं आता तो , उसे सूर्य ग्रहण या आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है | 

3. ताजा अंडे पानी में डूब जाते है पुराने नहीं क्यों ? 

ताजा अंडे पानी में डूब जाते है पुराने नहीं डूबते | इसका कारण यह है की पुराने अंडे के भीतर वायु कण बढ़ जाते है | इससे उसका आकर बढ़ जाता है | 

नमकीन पानी में अंडे तैरते है इसका कारण है कि नमक मिलने के कारण पानी का घनत्व बढ़ जाता है और अंडा तैरने लगता है | 

4. लोहे का बाड़ा जहाज पानी में क्यों नहीं डूबता ? 

आर्किमिडीज का सिद्धांत है कि जब कोई वस्तु पानी में डाली जाती है तो उस वस्तु के भार के बराबर होता है | और हटाए गए पानी के ताकत उसे वापस ऊपर की ओर उछलती है | 

 इसलिए लोहे का एक टुकड़ा जब पानी में डाला जाता है तब उसके द्वारा हटाए गए पानी की ऊपर को लगने वाली शक्ति को छोटा आकार मिलता है | यदि इसी लोहे की टुकड़े की प्लेट बना दी जाती तो उसका आकर बड़ा हो जाता और वह पानी के निचे से आनी वाली ताकत का फायदा उठा सकती थी | 

लोहे के जहाज का आयरन (volume)उसके भार (weight)से अधिक होता है | लोहे का जहाज अपने आयरन के बराबर पानी विस्थापित (Displace)करता है , यह विस्थापित जल अपने आयरन के तुल्य बल (force)जहाज पर लगाता है जिससे जहाज पानी पर तैरता है | जबकि लोहे के टुकड़े का आयरन उसके भार से कम होता है , उसके द्वारा विस्थापित जल उसके भार से काम होता है जिससे वह डूब जाता है | 

5. मछली पानी में जीवित कैसे रह जाती है ? 

इंसान हो या जीव-जन्तु सभी को जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन की जरुरत होती है | मछलियों के पास विशेष अंग यानी गिल्स होते है| ये उनके सिर के दोनों ओर पाए जाते है | मछलियां पानी के अंदर सांस लेने के लिए मुंह को खोलती है और गिल्स के तरफ पम्प कर देती है | इसके बाद ये गिल्स में उपस्थित मेंमब्रेन के मदद से पानी में उपस्थित ऑक्सीजन को सोख लेती है | और उसके बाद गिल्स खुलने से पानी बाहर आ जाता है | 

6. वायु या हवा क्या है ?

वायु विभिन्न गैसों की मिश्रण है | जिसमे नाइट्रोजन की मात्रा सर्वाधिक 78% होती है जबकि 21% ऑक्सीजन तथा 0.03% कार्बन डाइऑक्साइड पाया जाता है तथा शेष 0.97% अन्य गैसें होती है | वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी के वायुमंडल में करीब 6 लाख अरब टन हवा है | 

7. चन्द्रमा का एक ही भाग पृथवी से क्यों दिखाई पड़ता है ? 

चन्द्रमा एक छोटा सा पिंड है जो आकार में पृथ्वी के एक चौथाई है | चंद्रमा , पृथ्वी की परिक्रमा लगभग 27 दिन 7 घंटे 42 मिनट 15 सेकेंड में करता है तथा इतने ही समय में अपने अक्ष पर घूर्णन करता है , यही कारण है की पृथ्वी से चंद्रमा का एक ही भाग दिखाई देता है | 

8. समुद्र का पानी नीला क्यों प्रतीत होता है ? 

समुद्र के जल में नीले आसमान का परावर्तन होता है , इसलिए समुद्र नीला दिखाई देता है साथ ही यह इस बात पर निर्भर करता है की समुद्र को किस कोण से देखा जा रहा है | सूर्य के प्रकाश में सात रंग उपस्थित होते है |

जब सूर्य का प्रकाश समुद्र के जल से टकराकर लौटता है तो समुद्र का जल इनमें से अधिकांश रंग अवशोषित कर लेता है | इस प्रभाव को देखने के लिए पानी विशाल मात्रा का होना आवश्यक है , इसलिए कप का पानी नील के स्थान पर रंगीन दिखाई देता है समुद्र के जल के अणु प्रकाश में उपस्थित लाल रंग को तुरंत अवशोषित कर लेता है, परन्तु वे नील रंग को पूरी तरह से अवशोषित नहीं कर पाते |

9. धूप सफ़ेद क्यों नजर आती है ?

प्राथमिक रंग दो प्रकार के होते है | एक तो वो जो प्रकाश के रंग होते है लाल,हरा और नीला | और दूसरे वो जो पिगमेंट्स यानी पदर्थो के रंग होते है | यानी वो जिनका प्रयोग हम पेंट आदि में करते है | ये है लाल, नीला और पीला | इन दोनों में मोटे तौर पर फर्क गुणों का है | एक में जुड़ने का गुण होता है तो दूसरे में घटने का | जो प्रकाश के प्राथमिक रंग होते है ने एडिटिव यानी योगात्मक रंग कहलाते है और पिगमेंट्स के रंग सब्सट्रैक्टिव यानी व्यकलात्मक रंग कहलाते है | 

अब चलिए दोनों में अंतर समझते है | पिगमेंट्स यानी पदार्थ के रूप में उपलब्ध रंगो की खास बात यह होती है की वह प्रकाश पड़ने पर सभी रंगो को अवशोषित कर लेती है और सिर्फ उसी रंग को  परावर्तित करती है जिस रंग की वो होती है | जैसे आसमान सिर्फ नील रंग को परवर्तित करता है | और इसलिए नीला दिखाई पड़ता है| साफ है की पदार्थ के रंगो के प्रवृति यह होती है की वह वास्तु के रंग को छोड़ कर बाकि रंगो को हटा देता है | इसलिए वे  कहलाते है व्यकलात्मक रंग | दूसरी ओर प्राकास के रंगो के प्रवृति दूसरे तरह की होती है | इसकी खासियत यह है की जैसा है वैसा दिखाई पड़ता है | लाल रंग का प्रकाश है टी लाल रंग है यदि हरा है तो हरा है | यदि कोई दो रंग एक साथ मिल जाये तो वो घुलनशील हो जाते है | जैसे लाल और हरा मिल जाये तो पीला हो जाता है यानी परकास के रंग में जुड़ने का काम करता है | 

इसलिए वे एडिटिव या योगात्मक रंग कहलाते है | अपने इस बात पे कभी अमल किया है की सूर्य का रोशनी हमे सफ़ेद दिखाई पड़ती है लेकिन वो होती है सरे रंगो का मिश्रण | यह है एडीटिव होने की खासियत लेकिन अगर आप चाहे की पदर्थो वाले प्राथमिक रंग मिलाकर सफ़ेद रंग बना ले तो यह संभव नहीं है | 

10. तारे क्यों टिमटिमाते है ? 

तारे सदा निरंतर , एक समान चमकते रहते है | 

हालांकि तारों से छूटती रोशनी को हमारे आंखों तक पहुंचने से पहले वायुमंडल में विद्यमान अवरोधों का सामना करना पड़ता है | अतः उसकी रौशनी रास्ते में बिचलित होती रहती है , सीधी हमारी आँखों तक नहीं पहुंच पाती | 

वायुमंडल में हवा की कई चलायमान परते होती है| ये परतें तारों की रोशनी के पथ को बदलती रहती है | इसके फलस्वरूप उनकी रौशनी हमारे नजरों से कभी ओझल , कभी प्रकट होती रहती है | यही कारण है की तारे टिमटिमाते नजर आते है | 

11. क्यों और कैसे फटते है बादल ? 

बादल फटने की अधिकतर आपदाएं पहाड़ी क्षेत्रो में ही होती है | इस तरह की घटना में भारी नमी से लदी हवा अपने रस्ते में खड़ी पहाड़ियों से टकराती है जिससे एक खास तरह के बादलों का निर्माण होता है | 

नमी से भरे इस बादलों को ऊपर ओर पुश करने वाली वायु जब कमजोर पड़ जाती है तो अचानक ही इन बादलों से मूसलाधार बारिस शुरू हो जाती है जिसे बदल का फटना कहते है | मतलब बादलों के फटने के लिए खास तरह के बदल जिम्मेदार होते है |        

12. हवाई जहाज के पहियों में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है क्यों ? 

हवा में 78 फीसदी नाइट्रोजन होती है जबकि 21 फीसदी ऑक्सीजन और एक फीसदी अन्य गैस नाइट्रोजन से रबर को कोई नुकसान नहीं होता है | जबकि ऑक्सीजन के टायर खराब हो सकता है| ऑक्सीजन से अक्सर टायर की इलास्टिसिटी और मजबूती खो देता है | ऐसे में ऑक्सीजन रबर के कणों पर अटैक कर देता है , जिससे टायर फटने का खतरा रहता है | 

नाइट्रोजन ऑक्सीजन की अपेक्षा कूल होती है और रबर फ्रेंडली है | देखा जाय तो नाइट्रोजन पूरी तरह से शुद्ध नहीं होती | नाइट्रोफिल से टायर का इंफ्लेशन कम हो जाता है और टायर को सामान्य रहने में मदद करती है| नाइट्रोजन लम्बे समय तक टायर में रह सकती है , जबकि ऑक्सीजन जल्दी बाहर निकल जाती है | 

13. हवा का रंग क्यों दिखाई नहीं देता ? 

किसी भी वस्तु (ठोस , जल ,वायु ) का रंग उसके कणों द्वारा परावर्तित प्रकाश के रंग पर निर्भर करता है | सामान्य वायु के कण कोई भी प्रकाश रंग के परावर्तन नहीं करते है | एक कारण उसके कणों के घनत्व का बहुत कम होता है | लेकिन कुछ गैसें जैसे क्लोरीन के कण पीले-हरे रंग का परावर्तन करते है | इसलिए वह पीले हरे रंग के दिखाई देती है | 

14. मछली को जल से बाहर निकलने पर क्यों मर जाती है ? 

मछली जलीय प्राणी है यह गिलो द्वारा श्वसन करती है |मछली को कुछ देर के लिए जल से बाहर निकाल देने पर श्वसन क्रिया बंद हो जाती है अतः वह मर जाती है | 

15. चमगादड़ उल्टे क्यों लटकते है ? 

इसका कारण यह है की चमगादड़ उल्टे लटकने रहने से बड़ी असानी से उड़ान भर सकते है | अन्य पक्षी के तरह वो जमीन से उड़ान नहीं भर पाते है , क्यों की उनका पंख भरपूर उठान नहीं देते और उनके पिछले पैर छोटे और अविकसित होते है की वे दौड़ कर गति नहीं पकड़ पाते | 

चमगादड़ आमतौर पर अंधेरी गुफाओ में दिनभर आराम करते है, सोते है और रात को ही निकलते है | ये सोते हुए गिर क्यों नहीं जाते इसका कारण ये है की चमगादड़ की पैरों के नसे इस तरह व्यवस्थित है , की उनका वजन ही उनके पंजों को मजबूती के साथ पकड़ने में मदद करता है | 

16. हमे प्यास क्यों लगती है ?

हमे प्यास इसलिए लगती है क्योकि हमारा शरीर जिन तत्वों से बना है उनमे दो तिहाई पानी है | पानी के बिना हम पांच से दस दिन से जादा जीवित नहीं रह सकते | हर रोज तीन लीटर पानी हमारे शरीर से बाहर निकल जाता है , आधा लीटर पसीने में , एक लीटर साँस छोड़ने में और डेढ़ लीटर पेशाब में | अगर हम रोज तीन लीटर पानी नहीं पिएंगे तो हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाएगी | 

मतलब की हमें हर रोज 6 से 8 गिलास पानी पीना चाहिए | इसमें चाय , कॉफी और कोको कोला जैसे पेय शामिल नहीं है क्योकि इनमे मौजूद कैफीन दरअसल पानी को सोख लेती है | हा दूध,फलों का रस या सब्जियों का सूप पानी के कमी को अवश्य पूरा करते है | 

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